TREND INDICATOR Technical Analysis


जय हिन्द
हेलो दोस्तो में हु
Bhavesh Patel
          आप का स्वागत हे  Nifty sensex (website) पर आज़ हम आपको ऐक नया technical Analysis सीखाने की कोशिश करेंगे 
  जीसका नाम है    
             
                           TREND


TECHNICAL ANALYSIS – TREND

TECHNICAL ANALYSIS में ‘TREND’ का मतलब है, chart या STOCK PRICE POINT को जोड़ने से बनने वाला DIRECTION –(दिशा)
ट्रेंड के बारे में  ऐसा माना जाता है, कि जो भी ट्रेंड्स बना हुआ है, वो आगे भी बना रहेगा, जब तक कि कोई नया ट्रेंड  न आये,

 अगर कोई STOCK UP TREND LINE दिखा रहा है, मतलब वो UPTREND यानी (तेजी ) में की ओर रहेगा

 अगर कोई STOCK DOWN TREND LINE दिखा रहा है, मतलब वो DOWNTREND (मंदी ) की ओर रहेगा

Trend line Resistance level                 Trend line support level
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एक चार्ट पे किसी STOCK  PRICE को उसके TIME FRAME के अनुसार उसके अलग अलग PRICE POINT को मिलाते हुए एक लाइन खिंची जाती है, इसी लाइन को STOCK की ट्रेंड लाइन  कहते है.




UP TREND LINE
जब TREND LINE ऊपर की तरफ जाये तो कह सकते है कि STOCK , UP TREND कहते है
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TREND LINE Resistance level
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TREND line Resistance level Target done

अप ट्रेंड  को बुलिश ट्रेंड (तेजी का दौर ) भी कहा जाता है, 

DOWN TREND LINE
जब ट्रेंड लाइन  नीचे की तरफ जाये तो कह सकते है कि STOCK , डाउन ट्रेंड में है ,       
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डाउन ट्रेंड को बिअरिश ट्रेंड  (मंदी का दौर ) भी कहा जाता है,

SIDEWAYS TREND LINE
जब TREND LINE ना ऊपर जाये और ना ही नीचे, बल्कि सीधी लाइन बन जाये तो इस तरह कि TREND LINE को SIDEWAYS trend कहते है,.                  👇👇👇👇👇👇👇👇


TIMES OF TRENDS- TRENDS कितने समय के लिए होता है,
अगर बात की जाये कि, कोई TREND कितने समय के लिए होता है, तो हमें एक चीज़ समझनी चाहिए कि ईस में समय की निश्चितता नहीं होती है कि TREND कितने समय के लिए बना रहेगा,


उतार चढाव तो लगे ही रहते है, और कोई भी  NEWS का उस कंपनी के STOCK पर प्रभाव पड़ता है न्युज अच्छी है स्टोक उपर जा सकता है और न्युज खराब हो तो स्टोक नीचे भी आ सकता है

अगर जो ट्रेंड  पहले से बना हुआ है, उसकी बात की जाये तो हम ट्रेंड को दो प्रकार  में बाट सकते है,

SHORT TERMS TRENDS
– अगर किसी स्टॉक का ट्रेंड  एक महीने या उस से कम समय के लिए बना हुआ है, तो इस तरह के ट्रेंड को SHORT TERM TREND कहते है.

इस तरह के शोर्ट टर्म ट्रेंड कि पहचान करने के लिए आपको कुछ महीनो यानी पिछले 2 से 3 महीने  का चार्ट देखना पड़ता है.
LONG TERM TRENDS – 


अगर किसी स्टॉक का ट्रेंड एक साल या उस भी ज्यादा समय के लिए बना हुआ है, तो इस तरह के ट्रेंड को LONG TERM TREND कहते है.


इस तरह के LONG TERM TRENDS कि पहचान करने के लिए आपको पिछले 2 साल से अधिक  का चार्ट देखना पड़ता है
          अगर आपको स्टोक चार्ट के बारे में जानकारी नहीं तो इसका उपयोग मत करना स्टोक चार्ट के बारे में जानकारी प्राप्त करें फिर ईसका उपयोग करें 

     में आप को सिर्फ इसकी जानकारी देने की कोशिश कर रहा हूं
      आप को ये पोस्ट कैसी लगी मुझे कमेंट करे और अपने दोस्तों को भेजें

 जय हिन्द
 वन्देमातरम्


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